Jashpur Copper-T Kand: केरसई PHC में पेशाब की थैली में लगाई कॉपर-टी, प्रसूता की मौत से हड़कंप
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के केरसई PHC में कॉपर-टी कांड, पेशाब की थैली में कॉपर-टी लगाने से प्रसूता की मौत, 4 घंटे चला ऑपरेशन, कलेक्टर ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश।

जशपुर में कॉपर-टी कांड से हड़कंप: केरसई PHC में पेशाब की थैली में लगा दी कॉपर-टी, 24 दिन तड़पने के बाद प्रसूता की मौत

जशपुर / केरसई। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में प्रसव के बाद एक प्रसूता महिला के गर्भाशय की जगह पेशाब की थैली (Urinary Bladder) में कॉपर-टी लगा दी गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की इसी लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश है।

पूरा मामला क्या है?
मृतका की पहचान केरसई निवासी प्रफुल्ला हंसदा के रूप में हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उसकी डिलीवरी 29 जुलाई 2026 को केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। 48 घंटे निगरानी में रखने के बाद 31 जुलाई को नियमानुसार कॉपर-टी लगाई गई।
परिवार का कहना है कि कॉपर-टी लगते ही महिला को पेट में तेज दर्द और दूसरी परेशानियां शुरू हो गईं। हालत बिगड़ने पर 7 अगस्त को अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता चला कि कॉपर-टी गर्भाशय में नहीं, बल्कि पेशाब की थैली में फंसी है। इसके बाद उसे हॉलीक्रॉस अस्पताल कुनकुरी से जेएमजे अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया।

4 घंटे चला ऑपरेशन, फिर ब्रेन में क्लॉट
रायगढ़ में डॉक्टरों ने 4 घंटे तक ऑपरेशन कर पेशाब की थैली से कॉपर-टी निकाली और 11 अगस्त को छुट्टी दे दी। लेकिन 22 अगस्त को फिर तबीयत बिगड़ी और उसे संबलपुर के बुर्ला अस्पताल सहित ओडिशा के कई अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

पति ने कहा – दौरे पड़ने लगे थे
मृतका के पति निर्दोष हंसदा ने बताया, “कॉपर-टी गलती से पेशाब की थैली में लगा दी थी। 4 घंटे के ऑपरेशन के बाद निकाली गई। फिर पत्नी को दौरे पड़ने लगे। सिटी स्कैन में पता चला कि दिमाग की नस में खून का थक्का जम गया है।”
डॉक्टर ने क्या कहा?
केरसई PHC की डॉ. लक्ष्मी पैकरा ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में मौत की वजह दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट है। उन्होंने कहा, “डिलीवरी के बाद बच्चेदानी का मुंह बड़ा होने से कॉपर-टी पेशाब की थैली तक पहुंच सकती है, यह रेयर केस है। मौत का सीधा संबंध कॉपर-टी से है या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चलेगा।”
ग्रामीणों का हंगामा, 3 बड़ी मांग
मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने तपकरा तहसीलदार संगीता साय को ज्ञापन सौंपकर हंगामा किया। उनकी मांग है – परिवार को मुआवजा, दोषी डॉक्टर-स्टाफ का निलंबन और उच्चस्तरीय जांच। सूचना पर SDM फरसाबहार ओमकारेश्वर सिंह, तहसीलदार संगीता साय, BMO केके डाहिरे और थाना प्रभारी संदीप कौशिक मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच समिति गठित
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर CMHO डॉ. जीके जात्रा ने एक्सपर्ट डॉक्टरों की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। पोस्टमार्टम हो चुका है।
CMHO ने कहा – “जांच के लिए टीम बना दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”




