Bilaspur Chakarbhatha News: बिजली ऑफिस में मजदूर पर गिरा लोहे का खंभा, ठेकेदार पर पैर कटवाने का आरोप, BNS 125(B) के तहत FIR
बिलासपुर के चकरभाठा बिजली ऑफिस में काम के दौरान 23 साल के मजदूर सोनचंद कुर्रे पर लोहे का खंभा गिरा। आरोप है कि ठेकेदार ने इलाज का खर्च बचाने के लिए उसका पैर कटवा दिया। वीडियो में कैद है लापरवाही।

बिलासपुर के चकरभाठा में इंसानियत शर्मसार: खंभे से दबे मजदूर का पैर कटवाया, खर्च से बचने के लिए ठेकेदार पर संगीन आरोप

बिलासपुर / चकरभाठा, छत्तीसगढ़। बिलासपुर जिला के चकरभाठा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बिजली विभाग के कार्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा में भारी चूक के चलते एक युवा दिहाड़ी मजदूर की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। पीड़ित का आरोप है कि हादसे के बाद उसका पैर बचाया जा सकता था, लेकिन ठेकेदार ने ज्यादा पैसा खर्च होने के डर से उसका पैर ही कटवा दिया।
हादसा कैसे हुआ – सुबह 8:45 बजे गिरी
पीड़ित की पहचान सोनचंद कुर्रे, पिता स्वर्गीय जगत कुर्रे, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम सेवार, थाना चकरभाठा, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह रोजी-मजदूरी कर परिवार चलाता है। 28 फरवरी 2026 को ठेकेदार पलाश और अंकित ने उसे बिजली ऑफिस चकरभाठा में काम करने के लिए बुलाया था। वह सुबह 8:30 बजे काम पर पहुंचा। करीब 8:45 बजे वह ठेकेदार के कहने पर लोहे के खंभों के पास काम कर रहा था, तभी अचानक बिना किसी सहारे के रखे 4 से 5 भारी लोहे के खंभे खिसक कर उसके पैर पर आ गिरे। इससे उसका पैर मौके पर ही बुरी तरह कुचल कर फ्रैक्चर हो गया।
ठेकेदारों की लापरवाही
मौके पर दर्जनों जंग लगे लोहे के गार्डर खुले में बेतरतीब तरीके से रखे थे। नीचे सरिया की जाली बिछी थी, जमीन पर कीचड़ और गिट्टी फैली थी, न कोई बैरिकेडिंग थी और न ही मजदूरों के लिए हेलमेट, सेफ्टी शूज या ग्लव्स जैसी कोई सुरक्षा व्यवस्था। इसी असुरक्षित माहौल में मजदूरों से जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा था।
फ्रैक्चर से दिव्यांगता तक का सफर
हादसे के बाद ठेकेदार उसे तत्काल मोपका स्थित निजी अस्पताल शिवा मेडिसिटी ले गए। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में यह कहकर कि “इलाज में बहुत ज्यादा खर्च होगा” उसके पैर को पूरा काट दिया गया। पीड़ित का दावा है कि उसका पैर सिर्फ फ्रैक्चर हुआ था, जिसे ऑपरेशन से बचाया जा सकता था।
परिवार का इकलौता सहारा अब दूसरों पर निर्भर
23 साल की उम्र में दिव्यांग हुआ सोनचंद अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। अब वह चलने-फिरने में असमर्थ है और एक-एक रुपये के लिए मोहताज है। उसने बताया कि इस घटना के गवाह श्याम सुंदर और किशन सोनवानी हैं।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
इस पूरे मामले में पीड़ित मंगलवार शाम करीब 4 बजे चकरभाठा थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर चकरभाठा पुलिस ने दोनों ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। मौके की स्थिति, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अस्पताल की भूमिका सहित सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पीड़ित ने शासन-प्रशासन से कठोर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।