Bilaspur Crime News: बेटी की शादी के लिए लोन लेने गए किसान से 2.5 लाख की ठगी, मस्तूरी पुलिस ने शातिर ठग को किया गिरफ्तार
बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में बेटी की शादी के लिए लोन लेने गए किसान से 2.5 लाख की ठगी। परिचित ने पासबुक-चेकबुक-ATM लेकर फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले पैसे। आरोपी के खिलाफ पहले से 13 केस दर्ज।

बिलासपुर / मस्तूरी: बेटी की शादी के लिए लोन लेने गए पिता से 2.50 लाख की ठगी, आदतन बदमाश गिरफ्तार, पहले से दर्ज हैं 13 अपराध

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ :- बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र से विश्वासघात और ठगी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक पिता अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से लोन लेने गया था, वहीं उसके ही परिचित ने मदद के नाम पर उसके खाते से 2.50 लाख रुपए पार कर दिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब वह शादी का खर्च निकालने बैंक पहुंचा। मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
तहसील कार्यालय में हुई थी दोस्ती, फिर दिया लोन दिलाने का झांसा
मस्तूरी थाना प्रभारी सलीम खाखा के अनुसार, पीड़ित आंकडीह गांव का रहने वाला भुनेश्वर दास (44) है। कुछ महीने पहले उसकी मुलाकात मस्तूरी तहसील कार्यालय में सरगांवा गांव के रहने वाले रूपचंद मनहर (47) से हुई थी।
भुनेश्वर को अपनी बेटी की शादी के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। उसने यह बात रूपचंद को बताई। रूपचंद ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे बैंक से आसानी से लोन दिला देगा। भोले-भाले किसान ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया।
एक्सिस बैंक से मंजूर हुआ 4.50 लाख का लोन
रूपचंद भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा ले गया। वहां जमीन के दस्तावेजों के आधार पर भुनेश्वर के नाम पर 4.50 लाख रुपए का लोन मंजूर हो गया। लोन की रकम उसके खाते में आ गई। भुनेश्वर को लगा कि अब उसकी बेटी की शादी अच्छे से हो जाएगी, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि उसके साथ बड़ा खेल हो चुका है।
जांच के नाम पर हड़प लिए पासबुक, चेकबुक और ATM
पुलिस ने बताया कि 20 मार्च 2025 को रूपचंद ने एक नई चाल चली। उसने बैंक में वेरिफिकेशन और जांच का बहाना बनाकर भुनेश्वर की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए। पीड़ित ने सोचा कि बैंक का काम होगा, इसलिए उसने सारे दस्तावेज उसे दे दिए। यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से उड़ाए 2.50 लाख रुपए
आरोप है कि रूपचंद ने इसी का फायदा उठाया। उसने भुनेश्वर के चेक पर फर्जी हस्ताक्षर किए और धीरे-धीरे कर उसके खाते से कुल 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। निकाले गए पैसों को उसने अपने निजी खर्च में उड़ा दिया।
भुनेश्वर को कई महीनों तक इसकी जानकारी ही नहीं हुई। जब वह बेटी की शादी की तैयारी के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचा तो बैंक कर्मचारियों ने बताया कि उसके खाते से पहले ही 2.50 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। यह सुनकर उसके होश उड़ गए।
मस्तूरी पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में केस
इसके बाद पीड़ित भुनेश्वर दास ने तुरंत मस्तूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच में ठगी की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपी रूपचंद मनहर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी], 336, 338, 340 [जालसाजी और फर्जी दस्तावेज], 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
आरोपी निकला आदतन बदमाश, 13 केस पहले से दर्ज
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर हुआ है। पुलिस के मुताबिक, रूपचंद मनहर कोई पहली बार अपराध करने वाला नहीं है, बल्कि वह आदतन बदमाश है।
मस्तूरी थाने में ही उसके खिलाफ पहले से 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार अपराध में लिप्त रहने के कारण वर्ष 2025 से पुलिस ने उसका नाम गुंडा-बदमाश की सूची में भी शामिल कर रखा है। अब पुलिस उसके सभी पुराने मामलों की जानकारी संकलित कर न्यायालय को सौंपने की कार्रवाई कर रही है, ताकि उसे जमानत न मिल सके।
मस्तूरी थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक से जुड़े दस्तावेज, पासबुक, चेकबुक और एटीएम पिन न दें।




