Bilaspur Crime News :- बिलासपुर-कोटा में 6 लाख की फिल्मी ठगी: मुंगेली के गाड़ाघाट के किसान से सोने-चांदी के घड़े के नाम पर लूट, नकली पुलिस बनकर दिया वारदात को अंजाम
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में मुंगेली के ग्राम गाड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल से सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा देने का झांसा देकर 6 लाख की ठगी।

छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ जिला रपोर्टर प्रदीप कुमार की रपोर्ट कंचनपुर जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर / कोटा / मुंगेली से बड़ी खबर :- छत्तीसगढ़ में ठगी का फिल्मी कांड – गाड़ाघाट के किसान को सोने-चांदी से भरे घड़े का लालच देकर 6 लाख लूटे, वर्दी पहनकर सड़क पर बने नकली पुलिसवाले
बिलासपुर/मुंगेली :- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में ठगी का एक ऐसा शातिर और फिल्मी कारनामा सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। मुंगेली जिले के ग्राम गाड़ाघाट के एक सीधे-सादे किसान को सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा सस्ते में दिलाने का झांसा देकर 6 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने पूरी वारदात को दो हिस्सों में अंजाम दिया – पहले दोस्ती और लालच का जाल, फिर रास्ते में नकली पुलिस बनकर लूट का खेल।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इस हाई प्रोफाइल गैंग की तलाश में जुट गई है।
तखतपुर के बकरी बाजार से शुरू हुआ जाल
यह पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता विष्णु बघेल, निवासी ग्राम गाड़ाघाट, जिला मुंगेली पेशे से किसान हैं।
विष्णु ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को वह तखतपुर के बकरी बाजार गया था। वहीं उसकी मुलाकात उसके पुराने परिचित पालन भास्कर से हुई। बातों-बातों में पालन ने उसे एक ऐसी बात बताई जिसे सुनकर किसी के भी मन में लालच आ जाए। पालन ने कहा कि उसके एक परिचित को जमीन में गड़ा हुआ सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा मिला है, जिसे वह औने-पौने दाम पर बेचना चाहता है।
किसान विष्णु इस लालच में आ गया 12 लाख में तय हुआ घड़े का सौदा – कुरदर गांव में दिखाया गया घड़ा
इसके बाद विष्णु ने अपने भांजे धनेश पात्रे को इस बारे में बताया। दोनों ने मिलकर पालन से संपर्क किया। योजना के मुताबिक 30 अगस्त को पालन और उसका साथी संजय पनिक के साथ विष्णु और उसका भांजा कुरदर के पास एक गांव में बलराम यादव के घर पहुंचे।
यहां उन्हें सच में गहनों से भरा एक घड़ा दिखाया गया। इसी दौरान वहां पसउ बैगा भी पहुंच गया। घड़े की कीमत पहले 20 लाख रुपए बताई गई। काफी मोलभाव के बाद सौदा 12 लाख रुपए में तय हुआ। तय यह हुआ कि 6 लाख रुपए 31 अगस्त को एडवांस दिए जाएंगे और बाकी के 6 लाख गहने मिलने के एक हफ्ते बाद।
6 लाख देकर लिए गहने, रास्ते में नकली पुलिस ने रोका – सेमरिया मोड़ पर रचा गया नाटक
31 अगस्त की रात को कहानी ने फिल्मी मोड़ लिया। विष्णु और उसका भांजा कार से 6 लाख रुपए लेकर कुरदर पहुंचे। कोटा नाका चौक के पास पालन, पसउ बैगा और संजय पनिक मिले। इसके बाद सभी बलराम यादव के घर पहुंचे। रात करीब 11 बजे विष्णु ने 6 लाख रुपए पालन को दे दिए और गहनों से भरी बोरी लेकर सभी कार से वापस रवाना हो गए।
जैसे ही कार सेमरिया गांव के पास पहुंची, दो लोग पुलिस की वर्दी में आए और कार को हाथ देकर रोक लिया। इनमें से एक व्यक्ति के कंधे पर तीन स्टार लगे हुए थे। दोनों ने खुद को पुलिस वाला बताकर कार की तलाशी ली, मोबाइल से फोटो खींचे और बोरी को जब्त करने का नाटक किया। किसान को डराया-धमकाया गया।
कुछ दूर आगे जाने के बाद पालन ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया, जबकि पसउ ने मोबाइल गुम होने की बात कही। दोनों ने आगे खतरा बताते हुए बाइक से आने की बात कहकर कार से उतरकर फरार हो गए।
थाने के नाम पर धमकी और मोबाइल स्विच ऑफ
जब विष्णु ने बोरी के बारे में पूछा तो पालन ने बताया कि सेमरिया मोड़ पर पुलिस ने तलाशी के दौरान बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद दोनों आरोपियों के मोबाइल भी बंद हो गए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, दो दिन बाद आरोपियों से फिर संपर्क हुआ। पालन ने कहा कि गहने पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। अब न तो गहने मिलेंगे और न ही पैसे। बाद में वह 6 लाख रुपए लौटाने का झूठा आश्वासन देता रहा, इसी वजह से विष्णु ने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट नहीं की।
मुंगेली में तीन स्टार वाली वर्दी वाला मिला, हुई पहचान कलेक्टर कार्यालय के पास चाय दुकान पर खुला राज
इस ठगी कांड का पर्दाफाश बड़े ही दिलचस्प तरीके से हुआ। 6 सितंबर को विष्णु को मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास एक चाय दुकान के सामने वही व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे उसने सेमरिया में जांच के दौरान तीन स्टार वाली पुलिस वर्दी में देखा था।
आसपास के परिचितों से पूछताछ करने पर उसकी पहचान लोकेश राजपूत के रूप में हुई। इसके बाद विष्णु को पूरा यकीन हो गया कि उसके साथ एक सोची-समझी साजिश के तहत ठगी हुई है।
तत्काल कोटा थाने पहुंचकर विष्णु ने पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने पालन भास्कर, संजय पनिक, पसउ बैगा, बलराम यादव और नकली पुलिसकर्मी लोकेश राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी, लूट और पुलिस की वर्दी का गलत इस्तेमाल करने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




