Bilaspur News: वार्ड 43 देवरीखुर्द दोमुहानी को स्वतंत्र वार्ड बनाने की मांग तेज, 7 साल बाद भी विकास से वंचित
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 43 देवरीखुर्द के दोमुहानी क्षेत्र को स्वतंत्र वार्ड बनाने की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 7 साल बाद भी सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं।

बिलासपुर नगर निगम के वार्ड 43 से दोमुहानी को अलग कर स्वतंत्र नया वार्ड बनाने की मांग तेज, 7 साल बाद भी विकास ठप

बिलासपुर :- बिलासपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 43 देवरीखुर्द के अंतर्गत आने वाले दोमुहानी क्षेत्र को अलग कर स्वतंत्र नया वार्ड बनाने की मांग अब तेज हो गई है। “हमारी मांगे पूरी करो” की तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और नगर निगम आयुक्त व जिला प्रशासन से नया वार्ड घोषित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम में शामिल हुए लगभग 7 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी विकास कार्य नहीं हुआ है।
नगर निगम में शामिल हुए 7 साल, फिर भी हालात जस के तस
ग्रामीणों ने बताया कि 5 से 7 साल पहले ग्राम दोमुहानी को नगर निगम में जोड़ा गया था। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि अब पक्की सड़कें, नालियां, पीने के पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन 7 साल बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। क्षेत्र में तेजी से आबादी बढ़ी है और आवासीय निर्माण भी तेजी से हुआ है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ।
सड़कें गड्ढों में तब्दील, पानी और बिजली की भारी किल्लत
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण भुवनेश्वर धीरज ने बताया कि गांव की सड़कों की हालत बेहद खराब है। हर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जो बरसात में तालाब बन जाते हैं, पैदल चलना भी मुश्किल है। पीने के पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। एक हैंडपंप खराब होने पर पार्षद को फोन करते-करते लोग थक जाते हैं, लेकिन 2 से 3 महीने तक मरम्मत नहीं होती। पूरे गांव में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है।
उन्होंने बताया कि चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज और होली क्रॉस स्कूल के आसपास सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग के कारण रोज जाम लगता है, जिससे स्कूली बच्चों और आम लोगों को परेशानी होती है।
पार्षद पर वोट के नाम पर भेदभाव का गंभीर आरोप
रहवासियों ने वार्ड नंबर 43 के पार्षद सूर्य किशोर राज पर भेदभाव का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड 43 बहुत बड़ा है जिसमें बुटापारा, सफेद खदान और देवरीखुर्द क्षेत्र आते हैं। पार्षद द्वारा अपने डेढ़ साल के विकास कार्यों की जो सूची जारी की गई है, उसमें सिर्फ इन्हीं तीन जगहों का नाम है, दोमुहानी का उल्लेख तक नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पार्षद द्वारा कहा जाता है कि दोमुहानी से वोट नहीं मिला है, इसलिए वहां कोई काम नहीं होगा। जबकि ग्रामीणों का दावा है कि यहां से भी 150 से 200 वोट दिए गए हैं।
ग्रामीणों की मांग – नया वार्ड बनाओ या पंचायत में वापस करो
लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। ग्रामीणों की मांग है कि या तो दोमुहानी को वार्ड नंबर 43 से अलग कर स्वतंत्र नया वार्ड घोषित किया जाए, ताकि अलग बजट मिल सके और समस्याओं पर सीधा ध्यान दिया जा सके, या फिर इसे नगर निगम से हटाकर फिर से ग्राम पंचायत घोषित कर दिया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि आगामी परिसीमन में दोमुहानी को स्वतंत्र वार्ड का दर्जा दिया जाए।
लोकेशन – वार्ड नंबर 43 देवरीखुर्द, दोमुहानी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) पार्षद – सूर्य किशोर राज