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Chhattisgarh Breaking: अंबिकापुर लहपटरा टोल प्लाजा पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के PA का आतंक, टोलकर्मी को जड़े 5 थप्पड़, VIDEO वायरल

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में लहपटरा टोल प्लाजा पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के PA ओम प्रकाश राजवाड़े ने टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े को 5 थप्पड़ जड़े। बूम बैरियर फॉर्च्यूनर पर गिरने से भड़के PA, 47 सेकंड का CCTV VIDEO वायरल। कांग्रेस ने बताया जंगलराज।

छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: अंबिकापुर के लहपटरा टोल प्लाजा में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के PA ओम प्रकाश राजवाड़े का आतंक, टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े को जड़े 5 थप्पड़ – VIDEO वायरल

जिला – सरगुजा, स्थान – लहपटरा टोल प्लाजा, लखनपुर थाना क्षेत्र, अंबिकापुर-बिलासपुर NH-130 छत्तीसगढ़ से सत्ता के नशे और वीआईपी कल्चर का सबसे बदरंग और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। जहाँ आम जनता की सेवा करने का दावा करने वाली मंत्री ही कानून को बीच सड़क पर जूते तले रौंद रही हैं। अंबिकापुर के लहपटरा टोल प्लाजा पर जो हुआ उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

प्रदेश की महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले पर जैसे ही टोल का बूम बैरियर हल्का सा छू गया, मंत्री के कर्मचारियों का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। मंत्री के निज सहायक (PA) ओम प्रकाश राजवाड़े ने ड्यूटी पर तैनात गरीब टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर 5 थप्पड़ जड़ दिए। गाली-गलौज अलग से। पूरी वारदात टोल पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है और 47 सेकंड का ये VIDEO अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं – ये जनसेवा है या गुंडागर्दी?

रात साढ़े 12 बजे क्या हुआ था लहपटरा टोल पर?  जानिए पूरा घटनाक्रम

जानकारी के मुताबिक पूरी घटना 2 सितंबर, बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे की है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से कार्यक्रम निपटाकर अंबिकापुर लौट रही थीं। उनके काफिले में दो गाड़ियां थीं।

सबसे आगे चल रही इनोवा गाड़ी टोल बैरियर को पार कर गई। लेकिन जैसे ही पीछे आ रही मंत्री की काली फॉर्च्यूनर गाड़ी टोल पर पहुंची, अचानक टोल बैरियर का बूम ऑटोमेटिक तरीके से सीधे फॉर्च्यूनर के ऊपर गिर गया। बताया जा रहा है कि आगे की गाड़ी क्रॉस होते ही सेंसर ने बूम को नीचे कर दिया और मंत्री की गाड़ी को हल्की खरोंच भी आई। बस फिर क्या था, सत्ता का रौब दिखाने का पूरा मौका मिल गया।

PA का आतंक – हाथ जोड़ता रहा टोलकर्मी, मंत्री गाड़ी में बैठी रहीं

बूम गिरते ही मंत्री के PA ओम प्रकाश राजवाड़े सुरक्षाकर्मियों के साथ आग बबूला होकर गाड़ी से नीचे उतरे और सीधे टोल नाके के केबिन में घुस गए। वहाँ ड्यूटी कर रहे स्थानीय युवक महेंद्र राजवाड़े के साथ पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर ताबड़तोड़ 5 थप्पड़ जड़ दिए। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे निहत्था कर्मचारी हाथ जोड़कर, गिड़गिड़ाकर माफी मांग रहा है, पैरों में गिर रहा है, लेकिन सत्ता के नशे में चूर PA का गुस्सा शांत नहीं हो रहा।

आखिर में सुरक्षाकर्मियों ने ही बीच-बचाव कर PA को रोका और खींचकर वापस गाड़ी में ले गए। सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपनी फॉर्च्यूनर से नीचे तक नहीं उतरीं। वो अंदर ही बैठकर ‘रेस्ट’ करती रहीं। यानी बाहर गरीब पिट रहा है और अंदर मंत्री आराम फरमा रही हैं।

मंत्री जी का डैमेज कंट्रोल – मैं तो रेस्ट कर रही थी, मुझे पता ही नहीं चला!

जब वीडियो वायरल हुआ और चारों तरफ थू-थू होने लगी तो मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की ओर से एक लंबी-चौड़ी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई।

मंत्री का कहना है – “मैं दिनभर की व्यस्तता के बाद गाड़ी में विश्राम कर रही थी, इसलिए मुझे घटना की भनक तक नहीं लगी और मुझे इसकी जानकारी अगले दिन सोशल मीडिया से मिली।”

मंत्री जी ने मानवीय आधार पर कर्मचारी की गलती को ‘माफ’ करने की बात कही और चालक के इस आचरण को अशोभनीय बताया। उन्होंने ये भी सफाई दी कि मारपीट में उनका पीए शामिल नहीं था, बल्कि चालक था। साथ ही उन्होंने पीड़ित कर्मचारी से मिलकर उसका हालचाल जानने की इच्छा भी जताई है।

लेकिन जनता के जेहन में तीखे सवाल कौंध रहे हैं। जिस गाड़ी में कैबिनेट मंत्री सवार हों, उसके ठीक बाहर किसी कर्मचारी को पीट दिया जाए और मंत्री महोदया को इसकी भनक तक न लगे, यह बात गले उतारना थोड़ा मुश्किल है। दूसरा सवाल यह कि जिस कर्मचारी को पीटा गया, उसने गलती की थी या सिस्टम ने? क्या किसी जनसेवक के काफिले को यह हक मिल जाता है कि वह सड़क पर ऑन-द-स्पॉट ‘फैसला’ सुनाए? खैर, मंत्री जी अब कर्मचारी से मिलने की बात कह रही हैं, लेकिन सवाल वही है कि अगर यह वीडियो वायरल न होता, तो क्या ‘विश्राम’ में चल रही सत्ता की यह नींद कभी टूटती?

कांग्रेस ने घेरा – ये जंगलराज है

इस पूरे मामले ने तूल पकड़ा तो कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने में देर नहीं की। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इसे सीधे तौर पर ‘जंगलराज’ करार देते हुए कहा कि अगर बैरियर गिर गया था तो नियमानुसार टोल कंपनी पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, न कि सड़क पर गुंडागर्दी। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्री के सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ को कानून हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया? आम आदमी अगर टोल पर हंगामा करे तो उस पर FIR होती है, तो मंत्री के PA पर क्यों नहीं?

FIR दर्ज कराने थाने पहुंचे टोलकर्मी, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

घटना के दूसरे दिन गुरुवार 3 सितंबर को पीड़ित टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े अपने बाकी कर्मचारियों और लहपटरा के ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा। उसने मारपीट की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसका MLC करा लिया है।

महेंद्र के साथ थाने पहुंचे लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पुलिस जल्द FIR दर्ज नहीं करती है, तो लहपटरा के ग्रामीण NH-130 जाम कर बड़ा आंदोलन करेंगे। गुरुवार शाम तक पुलिस ने मामले में FIR दर्ज नहीं की थी, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग कह रहे हैं मंत्री के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।

फॉलो वाहन नहीं था, इसलिए गिरा बूम – PM मोदी की अपील बनी वजह?

मंत्री की गाड़ी पर बूम गिरने का असली कारण फॉलो वाहन का न होना बताया जा रहा है। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्री ने अपना काफिला घटा दिया है और फॉलो वाहन हटा दिया गया है।

नियम के मुताबिक, आगे वाली इनोवा टोल से गुजरी तो बूम नीचे आ गया। अगर फॉलो वाहन होता तो टोलकर्मी बूम को उठाए रखते। फॉलो वाहन नहीं था तो कर्मी समझ ही नहीं सके कि काफिला मंत्री का है। इसी वजह से सिस्टम ने बूम नीचे कर दिया और मंत्री की फॉर्च्यूनर पर गिर गया। इस मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।

कौन है थप्पड़बाज PA ओम प्रकाश राजवाड़े?

जिस PA पर थप्पड़ मारने का आरोप है, उसका नाम ओम प्रकाश राजवाड़े है। साल 2024 में ही उसे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का निज सहायक (PA) नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने 31/01/2024 को आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक ओम प्रकाश राजवाड़े पिता रामचरन राम, ग्राम बीरपुर जिला सूरजपुर को संविदा नियुक्ति पर मंत्री की निजी स्थापना में पदस्थ किया गया था। 2 साल के अंदर ही सत्ता की हनक ऐसी कि बीच सड़क पर कर्मचारी को पीट दिया।

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