करगी रोड कोटा में बिजली विभाग की मनमानी, फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत के बाद भी नहीं होता समाधान, JE फोन नहीं उठाते
बिलासपुर जिले के करगी रोड कोटा में बिजली व्यवस्था चरमराई, फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, लाइनमैन की टालमटोल, Junior Engineer फोन नहीं उठाते, झूठा आश्वासन देकर जनता को परेशान किया जा रहा है।

रिपोर्टर – लाला गुप्ता, जिला बिलासपुर (छ.ग.) स्थान करगी रोड कोटा, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़
बिलासपुर के करगी रोड कोटा में बिजली विभाग की हिटलरशाही – फ्यूज कॉल सेंटर बना सिर्फ दिखावा, JE साहब का फोन कभी नहीं उठता, जनता अंधेरे में रहने को मजबूर

JE (कनिष्ठ अभियंता) देते हैं सिर्फ झूठा आश्वासन, लाइनमैन की टालमटोल और अधिकारियों की मनमानी से कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
करगी रोड कोटा, जिला बिलासपुर (छ.ग.) बिलासपुर जिले के करगी रोड कोटा क्षेत्र में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बिजली की आंख मिचौली से लोग पहले से ही परेशान थे, लेकिन अब बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लापरवाह और मनमाने रवैये ने लोगों की परेशानी को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। आलम यह है कि फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है और उपभोक्ता अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं।
फ्यूज कॉल सेंटर बना सिर्फ खानापूर्ति का साधन
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में जब भी बिजली गुल होती है, लाइन में खराबी आती है या ट्रांसफार्मर जल जाता है, तो उपभोक्ताओं को सबसे पहले फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जाती है। उपभोक्ता बड़ी मुश्किल से घंटों प्रयास के बाद किसी तरह अपनी शिकायत दर्ज भी करा देता है और उसे एक शिकायत नंबर भी दे दिया जाता है, लेकिन उस नंबर का कोई फायदा नहीं होता।
शिकायत दर्ज होने के बाद भी कई-कई घंटे तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचता। कई बार तो पूरी-पूरी रात बिजली बंद रहती है। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, पीने के पानी की किल्लत हो जाती है और भीषण गर्मी और उमस में बिना पंखे के रात गुजारना बेहद कठिन हो जाता है। छोटे दुकानदारों का धंधा ठप हो जाता है और किसानों की मोटर नहीं चल पाती।
शिकायत के बाद भी लाइनमैन नहीं देता ध्यान, करता है टालमटोल
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि फ्यूज कॉल सेंटर में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी संबंधित लाइनमैन समय पर ध्यान नहीं देता। जब उपभोक्ता अपनी समस्या को लेकर सीधे लाइनमैन को फोन लगाता है, तो लाइनमैन सीधे तौर पर कह देता है कि “पहले फ्यूज कॉल सेंटर में जाकर शिकायत लिखवाओ, हमारे पास सीधे फोन मत करो।”
जब उपभोक्ता बताता है कि वह शिकायत दर्ज करा चुका है, तो फिर लाइनमैन बहाने बनाने लगता है। कभी कहता है कि “मैं दूसरी जगह फॉल्ट बना रहा हूं”, कभी कहता है कि “अभी स्टाफ नहीं है, सामान नहीं है”, तो कभी कहता है कि “सुबह आऊंगा, शाम को देखेंगे”। इस तरह उपभोक्ताओं को लगातार टाला जाता है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
JE साहब के कारनामे – फोन नहीं उठाते, देते हैं सिर्फ झूठा आश्वासन
इस पूरे मामले की सबसे अहम और निराश करने वाली कड़ी हैं JE साहब।Junior Engineer (कनिष्ठ अभियंता) यह वही अधिकारी होता है जिसके पास पूरे क्षेत्र की बिजली लाइन को ठीक कराने और फॉल्ट सुधारने की सीधी जिम्मेदारी होती है।
लेकिन करगी रोड कोटा में JE साहब का रवैया सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि JE साहब को कई-कई बार फोन लगाने पर भी वे फोन रिसीव नहीं करते। घंटी बजती रहती है, लेकिन साहब फोन उठाना जरूरी नहीं समझते। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने अपना सरकारी नंबर सिर्फ दिखावे के लिए रखा है।
और यदि बहुत किस्मत अच्छी रही और JE साहब ने फोन उठा भी लिया, तो जनता को सिर्फ एक ही चीज मिलती है – झूठा आश्वासन। फोन पर बड़ी ही आसानी से कह दिया जाता है कि “हां हां, अभी भेज रहा हूं, 10 मिनट में हो जाएगा, आप चिंता मत करो”। लेकिन वह 10 मिनट कभी खत्म ही नहीं होता। 10 मिनट के चक्कर में 10 घंटे बीत जाते हैं, लेकिन न तो लाइनमैन आता है और न ही लाइट आती है।
ऑफिस जाओ तो साहब नदारद, पब्लिक काटती है दिन भर चक्कर
हद तो तब हो जाती है जब परेशान उपभोक्ता अपना काम-धंधा छोड़कर बिजली ऑफिस पहुंचता है। ऑफिस पहुंचने पर पता चलता है कि JE साहब तो ऑफिस में हैं ही नहीं। कभी फील्ड में होने का बहाना, तो कभी मीटिंग में होने का बहाना बता दिया जाता है। बेचारी पब्लिक दिन भर ऑफिस के चक्कर काटती रहती है, लेकिन साहब से मुलाकात नहीं हो पाती। इससे साफ पता चलता है कि फील्ड स्टाफ बेलगाम हो चुका है और अधिकारियों का कोई नियंत्रण नहीं रहा।
बिजली जैसी जरूरी सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बिजली आज के समय में हर परिवार की सबसे जरूरी जरूरत है। करगी रोड कोटा क्षेत्र के लोग ईमानदारी से बिजली का बिल भरते हैं, फिर भी उन्हें बदले में सिर्फ अंधेरा और परेशानी मिल रही है। यदि फ्यूज कॉल सेंटर बनाया गया है तो उसमें आई हर शिकायत संबंधित कर्मचारी तक तुरंत पहुंचनी चाहिए और उसका समय पर समाधान भी होना चाहिए। सिर्फ शिकायत लिख लेने और नंबर दे देने से विभाग की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। लोगों को यह भी बताया जाना चाहिए कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है और उनकी समस्या कब तक ठीक हो जाएगी।
क्षेत्रवासियों ने उच्च अधिकारियों से की सख्त कार्रवाई की मांग
जनहित को देखते हुए करगी रोड कोटा क्षेत्र की जनता ने बिजली विभाग के बड़े अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि –
1. फ्यूज कॉल सेंटर में आने वाली हर शिकायत की रोजाना मॉनिटरिंग और जांच की जाए।
2. हर शिकायत को ठीक करने के लिए 2 से 3 घंटे की समय-सीमा तय की जाए, ताकि लोगों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
3. लापरवाही बरतने वाले लाइनमैन और फोन न उठाने वाले तथा झूठा आश्वासन देने वाले JE साहब जैसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर उनकी जवाबदेही तय की जाए।
4. सभी अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे उपभोक्ताओं का फोन अनिवार्य रूप से उठाएं और उनकी समस्या को गंभीरता से सुनें।
अब देखना यह होगा कि इस जनहित की खबर के बाद विभाग के आला अधिकारी अपनी नींद से जागते हैं या फिर करगी रोड कोटा की जनता को इसी तरह अंधेरे में रहने और अधिकारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।