Janjgir-Champa News: Pamgarh Sahasa में अवैध शराब का काला कारोबार बेलगाम, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
जिला जांजगीर-चांपा के पामगढ़ सहसा क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का कारोबार चर्चा में है। स्थानीय लोगों में नाराजगी, आबकारी विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल।

पामगढ़ में शाम ढलते ही खुलेआम छलकने लगता है ‘अवैध जाम’! जांजगीर-चांपा में आबकारी विभाग बना मूकदर्शक, जनता में उबाल

पामगढ़, जांजगीर-चांपा (छ.ग.) जिला मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर बसा पामगढ़ क्षेत्र इन दिनों अवैध शराब के कथित काले कारोबार को लेकर हॉटस्पॉट बना हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बेखौफ तरीके से अवैध शराब की बिक्री की चर्चाएं आम हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब आबकारी विभाग के नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आ रही है।
पामगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब का खुला कारोबार, युवाओं में बढ़ रहा नशा
पामगढ़, ससहा, धनगांव, केसला, रसोटा, और कई जगह और है क्षेत्र से अवैध शराब बिक्री की लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार क्षेत्रों में कोचियों द्वारा खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। रोज पेटियों में सप्लाई हो रही है। स्थानीय लोगों ने इस अवैध कारोबार पर आबकारी विभाग की अनदेखी और मिलीभगत का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि पामगढ़ के चिन्हित ठिकानों पर शाम होते ही शराबियों की भीड़ जुटने लगती है। सुनियोजित तरीके से चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर युवा वर्ग पर पड़ रहा है।
आबकारी विभाग की भूमिका पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? – सबसे बड़ा पेंच
आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है – जब रोज शिकायतें मिल रही हैं तो सहायक आयुक्त आबकारी, जिला जांजगीर-चांपा की टीम नियमित जांच क्यों नहीं करती?
क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि क्या इस अवैध कारोबार को कहीं कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है? हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन विभाग की लगातार चुप्पी और निष्क्रियता इन चर्चाओं को और हवा दे रही है। जनता का साफ कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए।
जनता क्या चाहती है? कागजी खानापूर्ति नहीं, जमीनी एक्शन!
पामगढ़ की जनता अब आबकारी विभाग से सिर्फ आश्वासन नहीं चाहती। लोगों की मांग है:
1. संदिग्ध ठिकानों पर तत्काल छापेमार कार्रवाई की जाए।
2. अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
3. यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उस पर भी नियमानुसार कार्रवाई हो।
4. विभाग अपनी स्थिति स्पष्ट कर जनता के बीच खोया हुआ भरोसा वापस कायम करे।
अब सबकी निगाहें जिला आबकारी विभाग पर टिकी हैं कि वह इन गंभीर चर्चाओं के बीच क्या रुख अपनाता है और पामगढ़ में अवैध शराब के इस कथित खेल पर कब और कैसे लगाम लगाता है।