Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS
Bilaspur Breaking NewsBilaspur Chhattisgarh BreakingBilaspur Crime NewsChhattisgarh News > Agriculture News > Fertilizer ScamChhattisgarh News > Bilaspur News > PaddyChhattisgarh News > Corruption News > Cooperative Scam

Bilaspur Breaking News :- बिलासपुर एरमसाही धान घोटाला: 920 क्विंटल गायब, 850 का हिसाब नहीं, दागी प्रबंधक को धनगवां में पोस्टिंग की चर्चा

बिलासपुर एरमसाही धान खरीदी केंद्र 687 में 920 क्विंटल 28.52 लाख का घोटाला, 70 क्विंटल पर ऑपरेटर पर चालान, 850 क्विंटल गायब। प्रबंधक का वित्तीय पावर सीज, धनगवां में पोस्टिंग की चर्चा।

बिलासपुर का ‘सुपरहिट’ घोटाला सीजन-2: एरमसाही में 920 क्विंटल गायब, 70 का ठीकरा ऑपरेटर पर, बाकी 850 का हिसाब गायब – और अब दागी प्रबंधक को नए केंद्र धनगवां में ‘पोस्टिंग’ का इनाम?

बिलासपुर/मस्तूरी :- छत्तीसगढ़ में 2026-27 के लिए नए धान खरीदी केंद्र बढ़ाए जा रहे हैं, किसानों में खुशी है। लेकिन मस्तूरी में एक खबर ने इस खुशी में मिर्ची का तड़का लगा दिया है।

ताजा अपडेट और सबसे बड़ी चर्चा – सेवा सहकारी समिति एरमसाही केंद्र क्रमांक 687 के दो-दो घोटालों में घिरे प्रबंधक बबलू घृतलहरे को, जहां वित्तीय पावर सीज किया गया है, अब जिले के बिल्कुल नए धान खरीदी केंद्र – धनगवां में प्रभारी बनाने की तैयारी की चर्चा जोरों पर है।

यहां ये सुधार जरूरी है – धनगवां अभी बिल्कुल नया धान खरीदी केंद्र है, वहां अभी धान खरीदी चालू भी नहीं हुई है। यानी घोटाले के दाग वाले प्रबंधक को एकदम नए, कोरे केंद्र की चाबी सौंपने की तैयारी चल रही है। और इसी बात पर बवाल मचा है।

पूरा हिसाब-किताब समझिए – 920 क्विंटल का पेंच

920 क्विंटल का आरोप अकेले बबलू घृतलहरे पर नहीं लगा सकते। पुलिस के कागज में हिसाब दूसरा है।

भौतिक सत्यापन रिपोर्ट 10.12.2025:

कंप्यूटर में होना चाहिए – 5,890.80 क्विंटल

मौके पर मिला – 4,970.80 क्विंटल

कुल कमी – 920 क्विंटल = 28.52 लाख का धान

पुलिस का चालान 116/2026 क्या कहता है?

पुलिस ने इस 920 में से सिर्फ 70 क्विंटल = 175 बोरा का मामला उठाया। आरोप है कि ऑपरेटर कांशीराम खूंटे ने 09.12.2025 को किसान घासीराम खूंटे के नाम पर बिना धान लाए ही बोगस एंट्री करके ₹1,59,784 उसके खाते में ट्रांसफर करा दिए।

तो 70 क्विंटल का सीधा आरोप ऑपरेटर कांशीराम खूंटे पर है।

तो फिर बबलू घृतलहरे पर आरोप क्या है? यहीं पर असली मसाला है 

बाकी बचे 850 क्विंटल का क्या हुआ?

920 – 70 = 850 क्विंटल = लगभग 26.35 लाख का धान

इस 850 क्विंटल का चालान में कोई आरोपी नहीं, कोई हिसाब नहीं, कोई FIR नहीं।

नियम कहता है – धान खरीदी केंद्र पर ताला 4 चाबियों से खुलता है:

1. ऑपरेटर काशीराम खूटे एंट्री करता है

2. केंद्र प्रभारी रंजीत कुमार तौल करता है

3. संस्था प्रबंधक बबलू घृतलहरे अंतिम सत्यापन और हस्ताक्षर करता है

4. समिति अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पटेल पूरी समिति का मालिक 

बिना प्रबंधक और प्रभारी के डिजिटल साइन के एक बोरी भी नहीं बिक सकती। फिर 850 क्विंटल हवा में कैसे गायब हो गया? इसी लापरवाही और निगरानी में फेल होने के चलते प्रबंधक पर सवाल है, सीधा 920 का नहीं।

इसीलिए जांच में 

प्राधिकृत अधिकारी को वर्तमान में पद से हटा दिया गया है और प्रबंधक बबलू घृतलहरे का सिर्फ प्रबंधक पद से हटाकर वित्तीय पावर रोक दिया गया है।

फिर दूसरा कांड – खाद घोटाला – उसी एरमसाही में

धान का हिसाब ठंडा भी नहीं हुआ था कि उसी एरमसाही में दूसरा धमाका हो गया।

किसान DAP मांगने आता है, प्रबंधक NPK 20:20:10 थमा देता है। बिल IFFCO 0:52:34 का, माल निजी कंपनी का। 1000 की बोरी 1470 में। ऊपर से सागरिका-हरियाली जबरन। गोदाम में 700-800 बोरी का अवैध जखीरा, जो MP के झाबुआ से आने की चर्चा।

कृषि अधिकारी की टीम पहुंची तो वही फिल्मी डायलॉग – “सहकारिता विभाग मेरी जेब में है!”

अब क्लाइमेक्स – नए केंद्र धनगवां में ‘रिवॉर्ड पोस्टिंग’?

अब जरा सोचिए  

एक तरफ एरमसाही में 850 क्विंटल का हिसाब आज तक नहीं मिला, खाद घोटाले में वित्तीय पावर सीज हुआ।

दूसरी तरफ, उसी प्रबंधक को धनगवां जैसे बिल्कुल नए धान खरीदी केंद्र, जहां अभी खरीदी चालू भी नहीं हुई है, वहां प्रभारी बनाने की चर्चा।

किसान पूछ रहे हैं 

“जब एरमसाही जैसी पुरानी समिति को 850 क्विंटल का चूना लग गया, तो धनगवां जैसी नई नवेली समिति का क्या होगा? क्या नई समिति को फायदा पहुंचेगा या पहला ही सीजन घाटे में जाएगा?”

और सबसे बड़ा सवाल – “28 लाख के नुकसान के बाद भी FIR अनिवार्य होने के बावजूद बबलू घृतलहरे पर FIR क्यों नहीं हुई? शासन-प्रशासन में कौन है जो इतना मेहरबान है? सहकारिता विभाग से उन संरक्षण देने वाले अधिकारियों का नाम उजागर क्यों नहीं हो रहा?”

अब किसानों की एक ही मांग है 

धनगवां में पोस्टिंग से पहले एरमसाही के 850 क्विंटल का हिसाब सार्वजनिक हो, CCTV DVR की फॉरेंसिक रिपोर्ट आए, और जो भी अधिकारी इस दागी प्रबंधक को नए केंद्र में भेजने की सिफारिश कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई हो।

नहीं तो छत्तीसगढ़ में नए धान खरीदी केंद्र तो बढ़ेंगे, लेकिन घाटा भी उसी स्पीड से बढ़ेगा।

मुख्य बिंदु: छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ संपादक के पास सभी दस्तावेजों की कॉपी मौजूद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!