Chhattisgarh cabinet passes congratulatory resolution on PM Modi's 25 years in officeChhattisgarh Raipur Breaking NewsPrime Minister Narendra Modi on completing 25 yearsRaipur Assembly Breaking News

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने PM मोदी के 25 साल पर पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने PM मोदी के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। 31 मार्च 2026 को नक्सल मुक्ति, 8.50 लाख करोड़ निवेश, PMAY समेत पूरी प्रेस वार्ता।

BREAKING NEWS: छत्तीसगढ़ कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला – PM मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित, गुजरात मॉडल से बस्तर में शांति तक का रखा लेखा-जोखा

रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया है। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण करने पर उनका हृदय से अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह केवल एक उपलब्धि का अवसर नहीं है, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर चली एक असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।

मुख्यमंत्री ने कहा – मीडिया के साथियों को नमस्कार और जय जोहार। आप सभी को शारदीय नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इस शुभ अवसर पर एक शुभ प्रस्ताव आज हमारी मंत्रिपरिषद ने पारित किया है। छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से मैं प्रधानमंत्री जी के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का हृदय से अभिनंदन करता हूं, और उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा सुदीर्घ राष्ट्र सेवा की कामना करता हूं।

मंत्रिपरिषद ने जैम से लेकर जीएसटी तक, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर नक्सलवाद से मुक्ति तक, राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का भी अभिनंदन किया है। साथ ही, सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक संसाधन और भागीदारी देने तथा आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने संक्षेप में बताया कि इन 25 वर्षों के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ पर क्या असर पड़ा है, जिसका पूरा विवरण इस प्रकार है –

सबसे पहले बात गुजरात की, जहां से सुशासन के नए प्रयोगों की शुरुआत हुई

मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शासन में टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम-आधारित कार्यप्रणाली के कई प्रयोग किए, जिन्हें आगे चलकर पूरे देश में अपनाया गया। वर्ष 2000 में बने हमारे छत्तीसगढ़ ने भी अपनी शुरुआती विकास यात्रा में ‘गुजरात मॉडल’ के सफल अनुभवों से सीखा और तेज़ी से आगे बढ़ा। संवाद और ‘चिंतन शिविर’ की परंपरा भी यहां लागू हुई।

इसी क्रम में पीएम गतिशक्ति ने परियोजनाओं की प्लानिंग और निगरानी को टेक्नोलॉजी से जोड़ा है। हमारे राज्य के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांव जियो-रेफरेंस्ड किए जा चुके हैं।

निवेश का अनुकूल माहौल बनाने में भी हमें प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा मिली

‘वाइब्रेंट गुजरात’ ने राज्यों को अपनी संभावनाएं दुनिया के सामने रखने की प्रेरणा दी, और इसी से हमने निवेश आकर्षित करने के लिए संरचनात्मक नीतियां लागू कीं। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ से औद्योगिक अनुमतियां सरल हुई हैं और तय समय-सीमा में निर्णय न होने पर डीम्ड अप्रूवल, यानी स्वतः स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से भी प्रक्रिया आसान बनी है।

दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति दी गई। कुल मिलाकर 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। इन प्रयासों का नतीजा है कि राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

टेक्नोलॉजी ने शासन को आम नागरिक के और करीब पहुंचाया है

जनधन-आधार-मोबाइल, यानी जैम की त्रयी से देश में 60 करोड़ लोग बैंकिंग से जुड़े, जो दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन मॉडल है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, यानी डीबीटी से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और शत-प्रतिशत सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंची। यूपीआई ने छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों तक डिजिटल भुगतान की सुविधा पहुंचाई। हमारे किसान भाइयों के लिए एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं, और ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार अभिलेख मिले हैं।

गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का भरोसा मिला

प्रधानमंत्री जी की नीतियों के केंद्र में सदैव गरीब कल्याण रहा है, और छत्तीसगढ़ में इसका असर साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण हुए हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में ही 11.78 लाख आवास बने हैं, और निर्माण की गति में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2,437 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से 36 लाख घरेलू और 14,970 सामुदायिक शौचालय बने, और 18,653 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हुए। उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख बहनों को निःशुल्क गैस कनेक्शन मिले। आयुष्मान भारत में लगभग 2.49 करोड़, यानी करीब 92 प्रतिशत पात्र हितग्राहियों के कार्ड बने हैं, और 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को ‘वय-वंदना’ कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं।

संकट की घड़ी में भी देश को मजबूत और संवेदनशील नेतृत्व मिला

कोरोना महामारी से लेकर वैश्विक ऊर्जा संकट तक, भारत ने कठिन परिस्थितियों का आत्मविश्वास से सामना किया। हमने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक चलाया, और ‘वैक्सीन मैत्री’ के जरिए 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराकर ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को व्यवहार में उतारा। कोरोना काल में शुरू हुई निःशुल्क खाद्यान्न व्यवस्था ने कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना से आज छत्तीसगढ़ के 73 लाख परिवारों, यानी 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। केंद्र की इस योजना से राज्य को लगभग 5,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी प्राप्त हुई है।

हमारे अन्नदाता किसान भाइयों को भी बड़ा आर्थिक संबल मिला

पीएम किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों के खातों में पहुंचा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 5,064 करोड़ रुपये का केंद्रांश प्रीमियम प्राप्त हुआ है। वर्ष 2015 की तुलना में पंजीकृत किसान 13.17 लाख से बढ़कर 27.53 लाख और पंजीकृत रकबा 21.26 लाख से बढ़कर 33 लाख हेक्टेयर हो गया है। धान उपार्जन भी 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा है। किसानों को एमएसपी के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

माताओं-बहनों और युवा साथियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिले

महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को 1,000 रुपये प्रतिमाह, यानी 12,000 रुपये वार्षिक की सीधी सहायता दी जा रही है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि के साथ 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं। ‘बिहान’, यानी एनआरएलएम के माध्यम से 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। वन धन विकास केंद्रों से 70,000 से अधिक जनजातीय महिलाएं जुड़ी हैं।

हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया के तहत आठ जिलों के लिए 48 करोड़ रुपये की सहायता और 33 खेलो इंडिया मिनी सेंटर स्वीकृत हुए हैं। बिलासपुर में हॉकी, आर्चरी और एथलेटिक्स का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्वीकृत हुआ है।

हमारे जनजातीय समाज को सम्मान भी मिला और विकास भी

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर जनजातीय समाज के योगदान को राष्ट्रीय पटल पर सम्मान मिला। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से प्रदेश के 6,000 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में अधोसंरचना का विकास हो रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत 18 जिलों में रहने वाली 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार से अधिक परिवारों तक पक्के आवास, सड़क और पेयजल पहुंचा है।

26 जिलों में 75 ‘एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय’ संचालित हैं, और लघु वनोपज पर एमएसपी देकर 6 लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भी स्थापित हुआ है।

केंद्र के सहयोग से राज्य के संसाधनों में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई

सहकारी संघवाद की भावना से केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत की गई। पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों के अंश के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये मिले हैं, जो 2004 से 2014 के दशक के 47,100 करोड़ रुपये की तुलना में 7.4 गुना अधिक है।

खनिज संसाधनों का लाभ स्थानीय क्षेत्रों को देने के लिए बनी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन, यानी डीएमएफ व्यवस्था से राज्य को 17,887 करोड़ रुपये मिले और 81 हजार से अधिक विकास कार्य हुए। ‘वन नेशन, वन टैक्स’, यानी जीएसटी से चेकपोस्ट की बाधाएं समाप्त हुईं और इस्पात, सीमेंट तथा कृषि उत्पादों के लिए पूरा देश एक बाजार बना। इसके साथ ही राज्य को 22,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जीएसटी क्षतिपूर्ति सहायता भी मिली।

सड़क, रेल, बिजली और मोबाइल नेटवर्क से छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल रही है

देश का सार्वजनिक पूंजीगत व्यय लगभग 2 लाख करोड़ से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ है, और छत्तीसगढ़ को भी लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिली है। राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं और 37 परियोजनाओं, यानी 18,215 करोड़ रुपये के कार्य जारी हैं। सभी जिला मुख्यालय अब राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। सिक्स-लेन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे हमारे प्रदेश को बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ेगा। इसके साथ 4-लेन बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग (4,007 करोड़ रुपये) और छह-लेन रायपुर-दुर्ग बायपास (2,289 करोड़ रुपये) का निर्माण भी प्रगति पर है।

रेल के क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की नई लाइन, दोहरीकरण, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ‘डिजिटल भारत निधि’ से सुदूर और जनजातीय क्षेत्रों में 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत हुए।

ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। रायगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 4,800 मेगावाट की गई है। 2,808 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से 9.30 लाख घरों को नए कनेक्शन मिले हैं, और ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ में 1.16 लाख से अधिक घरों में सोलर संयंत्र लगे हैं, जिसके लिए 670 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी जारी हुई है।

बस्तर में अब शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है

यह हमारे लिए सबसे गर्व और संतोष का विषय है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से 31 मार्च 2026 को हमें दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। प्रधानमंत्री जी के इस विजन ‘कंधे पर गन नहीं, कंधे पर हल ही सभी समस्याओं का हल है’ ने बस्तर में स्थायी शांति और विकास का रास्ता खोला। नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली, और आत्मसमर्पित कैडरों व नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में 15,000 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 5,671 का निर्माण चल रहा है।

संपर्क की बात करें तो आरसीपीएलडब्ल्यूई के तहत 267 सड़कें और 8 पुल पूरे हो चुके हैं। पीएमजीएसवाई-4 में 699 करोड़ रुपये से 228 सड़कें बन रही हैं। हिंसा के कारण बरसों से बंद 421 स्कूल फिर से खोले गए हैं, और ‘नियद नेल्ला नार योजना’ से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन की पहुंच सुनिश्चित हुई है। शांति की स्थापना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और आजीविका के नए अवसर तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा और बड़े निर्णयों में भी देश ने दृढ़ता दिखाई

आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के दृढ़ राष्ट्रीय संकल्प को दुनिया के सामने रखा। वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का सृजन भी इसी सोच के निर्णय हैं। अनुच्छेद 370 की समाप्ति से जम्मू-कश्मीर का भारत में पूर्ण संवैधानिक एकीकरण हुआ। औपनिवेशिक कानूनों की जगह त्वरित न्याय के लिए ‘भारतीय न्याय संहिता’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ और ‘भारतीय साक्ष्य अधिनियम’ लागू किए गए, और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर सामाजिक न्याय को मजबूती दी गई।

विकास के साथ-साथ हमारी विरासत और आस्था का भी सम्मान हुआ

काशी विश्वनाथ धाम और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर का निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा हमारे सांस्कृतिक आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों के लिए ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ भी संचालित कर रही है। प्रसाद योजना में 48 करोड़ रुपये की सहायता से माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर, डोंगरगढ़ का विकास कार्य पूर्ण हुआ है।

स्वदेश दर्शन में जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर और जगदलपुर के जनजातीय पर्यटन सर्किट के लिए 94 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 में कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 146 करोड़ रुपये और जशपुर के मयाली-बगीचा इको-टूरिज्म के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। केंद्र सरकार ने चंपारण में संत श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की मूर्ति और कॉम्प्लेक्स की स्थापना के लिए स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत 73.42 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से ‘पीएम एकता मॉल’ बनेगा, जो हथकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देगा, और नवा रायपुर में ‘निफ्ट’ की स्थापना भी स्वीकृत हुई है।

आज दुनिया में भारत की आवाज़ को सुना और सराहा जा रहा है

मोदी जी के नेतृत्व में वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका और प्रतिष्ठा का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। जी-20 की अध्यक्षता, ब्रिक्स में भारत की प्रभावी भूमिका, अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता दिलाने की पहल और ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूती देना भारत की बढ़ती कूटनीतिक क्षमता के प्रतीक हैं। दुनिया के 36 देशों द्वारा उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना भी इसे रेखांकित करता है।

इंटरनेशनल सोलर अलायंस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष जैसी पहलों का लाभ छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को भी मिला है। श्रीअन्न को वैश्विक पहचान मिलने से बस्तर और सरगुजा के कोदो, कुटकी और रागी उत्पादक जनजातीय किसानों के लिए नए बाजार और आर्थिक अवसर बने हैं।

आगे की बात करें तो, हमारा संकल्प है ‘विकसित छत्तीसगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री जी के महासंकल्प में भागीदारी के लिए हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज और ऊर्जा की अपार संपदा, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और निवेश के अनुकूल वातावरण हमारी बड़ी ताकत हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ मंत्रिपरिषद ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में पूर्ण योगदान देने का संकल्प दोहराया है।

मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री जी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और छत्तीसगढ़ समृद्ध, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिए गए 

1. छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।

2. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!