Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to CHHATTISGARH JANTA KI AWAAZ NEWS
Bilaspur Breaking NewsBilaspur Chhattisgarh BreakingBilaspur Latest NewsChhattisgarh News > Bilaspur News > Health News > Government Scheme

बिलासपुर: बैगा-बिरहोर ग्रामों तक पहुंची स्वास्थ्य संजीवनी, पीएम जनमन बना वरदान

बिलासपुर जिले के कोटा, तखतपुर, मस्तूरी के 54 दुर्गम बैगा-बिरहोर ग्रामों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट से 648 हेल्थ कैंप, 9130 लोगों को मिला लाभ।

बदलाव की कहानी : बिलासपुर जिले के दुर्गम बैगा-बिरहोर ग्रामों की दहलीज तक पहुंची स्वास्थ्य की संजीवनी

बिलासपुर, 17 सितम्बर 2026 / जिले के घने जंगलों और दुर्गम अंचलों में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) बैगा और बिरहोर समुदायों के लिए कभी बीमारी के समय अस्पताल पहुंचना एक बड़ी चुनौती हुआ करता था। संसाधनों की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर इन गाँवों तक पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देती थीं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान पीएम जनमन की पहल ने बिलासपुर जिले के इन दूरस्थ क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल कर रख दी है।

बिलासपुर में जब गाँव तक चलकर आया अस्पताल

अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के सेवा संकल्प को साकार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम जनमन योजना की शुरुआत की गई। योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर जिले को 3 अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदान की गईं। जिले के विकासखंड कोटा, तखतपुर और मस्तूरी में चिन्हांकित 54 बैगा-बिरहोर ग्रामों, बसाहटों में से 26 अत्यंत दुर्गम ग्रामों के लिए ये 3 चलित अस्पताल आज किसी संजीवनी से कम नहीं हैं।

आंकड़े जो गवाही देते हैं बदलाव की – 648 कैंप, 9130 मरीज

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प के अब धरातल पर सुखद परिणाम दिखने लगे हैं। अब तक इन 3 मेडिकल मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में 648 स्वास्थ्य शिविर (कैम्प) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में 9,130 हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है और 13,626 बार चिकित्सकीय परामर्श (कंसल्टेशन) प्रदान किया जा चुका है।

हर चौखट तक स्वास्थ्य, हर चेहरे पर मुस्कान

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन की पूरी टीम मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रही है। जिन जनजातीय परिवारों को कभी छोटी-मोटी जांच के लिए मीलों का सफर तय करना पड़ता था, उन्हें अब 25 तरह की पैथोलॉजी जांच और दवाइयां उनके गाँव में ही निःशुल्क मिल रही हैं। पहले जहाँ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की समय पर पहचान मुश्किल थी, वहीं अब इन यूनिट्स के जरिए न केवल इनका इलाज हो रहा है, बल्कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी घर बैठे संभव हो पाई है।

यह महज एक शासकीय योजना का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि सेवा संकल्प की वह सच्ची सफलता की कहानी है जहाँ एक सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था ने खुद चलकर उन समुदायों को गले लगाया है, जो लंबे समय से इन सुविधाओं की बाट जोह रहे थे। आज बिलासपुर जिले के इन बैगा-बिरहोर ग्रामों में मोबाइल मेडिकल यूनिट का सायरन बजना इस बात का प्रमाण है कि जब सेवा का संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी गाँव दुर्गम नहीं रहता।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!