Bilaspur Kota News: दवनपुर में आदमखोर बाघ का आतंक, 6 गांवों में दहशत, किसान पर हमले के 6 दिन बाद भी पकड़ से बाहर
Bilaspur News: कोटा के दवनपुर में किसान पर हमला करने वाला बाघ 6 दिन से फरार। दानोखार, झिंगटपुर, लारीपारा, परसदा, पिपरखुंटी में बाघ का डेरा, खेती ठप, वन विभाग अलर्ट।

Bilaspur Kota में आदमखोर बाघ का आतंक: 6 दिन से 6 गांवों में डेरा, किसान पर हमले के बाद खेतों में पसरा सन्नाटा

Bilaspur / Kota, Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में इन दिनों बाघ की दहशत से लोग सहमे हुए हैं। कोटा क्षेत्र के दवनपुर में किसान पर जानलेवा हमला करने वाला बाघ पिछले 6 दिन से वन विभाग की गिरफ्त से बाहर है। इस बाघ ने दवनपुर समेत दानोखार, झिंगटपुर, लारीपारा, परसदा और पिपरखुंटी के जंगल-खार को अपना ठिकाना बना लिया है, जिससे 6 गांवों में दहशत का माहौल है।
दवनपुर में किसान पर कैसे हुआ हमला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार सुबह करीब 7 बजे की है। दवनपुर निवासी किसान संजू मरकाम अपने खेत में खरीफ फसल में खाद डालने गया था। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए हाथ में रखे प्लास्टिक के पम्पे से बाघ के मुंह पर जोरदार वार किया, जिसके बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के बफर जोन वाले इलाके की है।
हर दिन बदल रहा है ठिकाना, ट्रैप कैमरे में भी नहीं आ रहा नजर
वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, लेकिन बाघ बेहद शातिर है और लगातार अपनी जगह बदल रहा है।
• रविवार को बाघ की लोकेशन दानोखार के जंगल में मिली।
• सोमवार सुबह झिंगटपुर के जंगल में उसके होने की सूचना मिली, और शाम को झिंगटपुर और लारीपारा के बीच खार में उसने एक गाय पर हमला कर उसे मार डाला।
• मंगलवार और बुधवार को परसदा और पिपरखुंटी क्षेत्र में उसके पंजों के निशान और मूवमेंट की पुष्टि हुई है।
वन विभाग ने निगरानी के लिए 20 से अधिक ट्रैप कैमरे और ATR की एक्सपर्ट टीम लगाई है, लेकिन हैरानी की बात है कि बाघ अब तक किसी भी ट्रैप कैमरे में कैद नहीं हुआ है।
खेतों में काम ठप, खरीफ फसल पर संकट
बाघ के आतंक का सबसे बड़ा असर किसानों की खेती पर पड़ा है। इस समय धान की फसल में खाद और निंदाई का काम चल रहा है, लेकिन डर के कारण किसानों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है। कई किसान समूह में खेत जा रहे हैं और शाम 5 बजे से पहले घर लौट आ रहे हैं। इससे हजारों एकड़ की खरीफ फसल प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है।
6 गांवों में मुनादी, वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
स्थिति को देखते हुए दवनपुर के कोटवार कन्हैया दास मानिकपुरी ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया है। साथ ही दानोखार, झिंगटपुर, लारीपारा, परसदा, पिपरखुंटी और मानपुर में भी अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शाम के समय अकेले जंगल या खार की ओर न जाएं और बच्चों व मवेशियों को अकेला न छोड़ें।
वन विभाग का बयान: अचानकमार टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर प्रियंका पांडे ने बताया, “टीम लगातार निगरानी कर रही है। अभी तक बाघ ट्रैप कैमरे में नजर नहीं आया है। ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है। उसे जल्द रेस्क्यू करने का प्रयास जारी है।”
फिलहाल कोटा रेंज और ATR की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद है और ग्रामीणों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जा रही है।




