Bilaspur Breaking: घोंघा और अरपा-भैंसाझार से 49 गांवों में सिंचाई क्रांति
बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत घोंघा जलाशय से 49 गांवों के 8343 हेक्टेयर और अरपा-भैंसाझार बैराज से 17900 हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य।

बिलासपुर : सेवा संकल्प अभियान – सिंचाई का पानी बना किसानों का सहारा, घोंघा और अरपा-भैंसाझार से खेती को मिला संबल

बिलासपुर, छत्तीसगढ़, 6 अक्टूबर 2026 :- खेती के लिए समय पर पानी की उपलब्धता किसानों की सबसे बड़ी जरूरत होती है। छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प अभियान के तहत बिलासपुर जिले में यह जरूरत पूरी हो रही है। जिले की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं घोंघा मध्यम जलाशय और अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंच रहा है और कृषि उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है।
कोटा के 49 गांवों की लाइफलाइन बना घोंघा मध्यम जलाशय
कोटा विकासखंड के ग्राम पटैता में निर्मित घोंघा मध्यम जलाशय परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख आधार है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस परियोजना से क्षेत्र के 49 गांवों के 8,343 हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पानी को हर खेत तक पहुंचाने के लिए लगभग 104.20 किलोमीटर लंबी मुख्य, शाखा एवं वितरक नहरों का सुदृढ़ जाल बिछाया गया है।
बता दें कि वर्ष 1979 में शुरू हुई इस परियोजना का निर्माण वर्ष 1981 में पूर्ण हुआ था। जलाशय की कुल जलभराव क्षमता 3 करोड़ 7 लाख घन मीटर है। सिंचाई के साथ-साथ यहां मत्स्य पालन से स्थानीय मछुआरों और युवाओं को आजीविका के अतिरिक्त अवसर भी मिल रहे हैं।
अरपा-भैंसाझार बैराज से 4,735 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र में बढ़ोतरी, 17,900 हेक्टेयर का लक्ष्य
जिले की दूसरी बड़ी परियोजना अरपा-भैंसाझार बैराज परियोजना ने भी सिंचाई के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025-26 में परियोजना के माध्यम से 13,165 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की गई थी। वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने लक्ष्य बढ़ाकर 17,900 हेक्टेयर कर दिया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 4,735 हेक्टेयर अधिक कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की कुल सिंचाई क्षमता 25 हजार हेक्टेयर है।
परियोजना की तकनीकी ताकत: नहरों का महाजाल
कोटा विकासखंड में निर्मित अरपा-भैंसाझार परियोजना के सिंचाई संबंधी सभी निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हुए। परियोजना का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 1,693.86 वर्ग किलोमीटर है।
किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग ने यहां तीन स्तरीय नहर प्रणाली विकसित की है –
• मुख्य नहर : 56.640 किलोमीटर
• वितरक नहर : 102.600 किलोमीटर
• शाखा नहर : 21.130 किलोमीटर
इन नहरों के माध्यम से अंतिम छोर के गांवों तक पानी पहुंचाकर रबी और खरीफ दोनों फसलों की सिंचाई जरूरत पूरी की जा रही है।
किसानों की समृद्धि का आधार बनीं दोनों परियोजनाएं
घोंघा और अरपा-भैंसाझार परियोजनाएं सिर्फ खेतों की सिंचाई का साधन नहीं हैं, बल्कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रबंधन का बेहतरीन मॉडल बन रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत इन परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण से किसान अब मानसून पर निर्भरता से मुक्त हो रहे हैं और दोहरी फसल लेने में सक्षम हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बल मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।




