Mungeli Lormi Breaking News:-अचानकमार में मनियारी नदी का पुल जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा | Achanakmar Bridge Damaged
मुंगेली जिले के लोरमी वनांचल में अचानकमार टाइगर रिजर्व के पास मनियारी नदी पर बना पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त। छपरा, बिनौरी, लमनी सहित दर्जनों गांवों का संपर्क टूटने की कगार पर, ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग।

अचानकमार के समीप क्षतिग्रस्त पुल बना खतरे का कारण, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ जनता आवाज न्यूज़ | मुंगेली / लोरमी मुंगेली जिले के वनांचल क्षेत्र अचानकमार में मनियारी नदी पर बना पुल इन दिनों पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है और बड़े हादसे को खुला न्योता दे रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा निर्मित यह पुल न केवल जर्जर अवस्था में पहुंच गया है बल्कि पुल के दोनों किनारों पर मिट्टी का भारी कटाव शुरू हो गया है, जिससे आवागमन जान जोखिम में डालकर किया जा रहा है।

वनांचल की जीवन रेखा है यह एकमात्र पुल
यह पुल कोई सामान्य पुल नहीं, बल्कि अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र सहित आसपास के दर्जनों वनग्रामों के लिए जीवन रेखा है। छपरा, बिनौरी, अचानकमार, लमनी, शिवतराई, सतरेंगा, खुड़िया जैसे 20 से अधिक गांवों को यह पुल विकासखंड मुख्यालय लोरमी और जिला मुख्यालय मुंगेली से जोड़ने वाला प्रमुख और एकमात्र संपर्क मार्ग है।
इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से हजारों आदिवासी ग्रामीणों का जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय से सीधा संपर्क टूटने की कगार पर पहुंच गया है। वैकल्पिक मार्ग न होने से लोगों को मजबूरी में इसी खतरनाक और मौत को दावत देते पुल से गुजरना पड़ रहा है।
लगातार बारिश और तेज बहाव से बढ़ा खतरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार वर्षा और मनियारी नदी के तेज बहाव के कारण पुल के एप्रोच रोड और दोनों किनारों की मिट्टी पूरी तरह बह गई है।
मौके पर स्थिति इतनी भयावह है कि:
• पुल के पिलर के समीप बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं
• सड़क का हिस्सा कई जगह से धंसने लगा है और दरारें आ गई हैं
• पुल के अंदर की लोहे की सरिया तक बाहर दिखने लगी है
• रात के समय इस मार्ग पर आवागमन और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है, क्योंकि पुल पर न तो पर्याप्त संकेतक हैं, न रेडियम पट्टी और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है
किसी भी समय पुल का एक बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है।
स्कूली बच्चों, मरीजों और कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी
प्रतिदिन इस मार्ग से सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, आश्रम-छात्रावास के बच्चे, अस्पताल जाने वाले मरीज, 108 संजीवनी वाहन, सार्वजनिक परिवहन की बसें, दूध और सब्जी विक्रेता तथा विभिन्न विभागों के शासकीय कर्मचारी आवागमन करते हैं।
पुल की खराब स्थिति के कारण ऑटो और बस चालक भी वाहन निकालने से कतरा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में किसी गर्भवती महिला या गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, शीघ्र मरम्मत की मांग
छत्तीसगढ़ जनता की आवाज न्यूज़ से चर्चा करते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों – रामलाल, संतोष यादव, और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पुल की स्थिति को लेकर कई बार संबंधित PWD विभाग और स्थानीय प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का तकनीकी निरीक्षण कर मरम्मत और सुरक्षा दीवार, बोल्डर पिचिंग और एप्रोच रोड सुधार का कार्य नहीं कराया गया तो कभी भी पुल ढह सकता है और गंभीर जनहानि हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
वनांचल क्षेत्र के समग्र विकास और सुरक्षित आवागमन के लिए इस पुल की शीघ्र मरम्मत अत्यंत आवश्यक है। क्षेत्रवासियों ने मुंगेली जिला कलेक्टर, लोरमी अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता से मांग की है कि तत्काल मौके पर इंजीनियरों की टीम भेजकर निरीक्षण किया जाए और पुल को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया जाए, ताकि संभावित बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।