Chhattisgarh Van VibhagIllegal Wood CuttingRaigarh Breaking NewsRaigarh Forest Department NewsRaigarh Sal Wood

Raigarh Breaking News :-रायगढ़ में अवैध साल लकड़ी पर दोहरा मापदंड, एक पर एक्शन दूसरे पर चुप्पी

रायगढ़ के भांगा पारा में वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल। रसालाल के घर से लकड़ी जब्त, 20 कदम दूर 4 साल के गोले 2 दिन से लावारिस। पूरी खबर।

रायगढ़ में अवैध साल लकड़ी पर दोहरा मापदंड: एक पर कार्रवाई, दूसरे को अभयदान?

रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 4 अक्टूबर 2026 :- रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगे ग्राम भांगा पारा में कीमती साल लकड़ी के अवैध भंडारण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम की कार्रवाई खुद सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग पर आरोप है कि एक ग्रामीण पर तो सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन उसी के घर से महज कुछ दूरी पर पड़े 4 नग साल के विशाल गोलों को 48 घंटे बाद भी जब्त नहीं किया गया।

कैसे हुआ खुलासा?

वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भांगा पारा में अवैध रूप से कीमती लकड़ी का भंडारण और चिरान किया जा रहा है। सूचना के आधार पर गुरुवार को भांगोरा निवासी रसालाल लहरे के घर पर दबिश दी गई।

जांच के दौरान टीम को आंगन में साल के 5 नग गोले, एक नग अकबरिया प्रजाति का गोला और घर के अंदर 4 नग साल की चिरान लकड़ी मिली। मौके से वन विभाग ने हाथ आरा मशीन, 2 नग कटर मशीन और 2 कुर्सियां भी जब्त कीं। पूरी कार्रवाई के बाद जब्त माल को आगे की कार्रवाई के लिए रेंज कार्यालय को सौंप दिया गया।

20 कदम दूर पड़ा है असली खजाना, 48 घंटे से लावारिस

इस कार्रवाई के ठीक बाद ही ग्रामीणों ने टीम को बताया कि जिस मकान में दबिश दी गई है, उससे कुछ ही दूरी पर एक खाली भूमि में साल के 4 नग विशाल गोले लावारिस हालत में पड़े हैं।

हैरानी की बात यह है कि इस जमीन पर पड़ी लकड़ी को वन विभाग ने न तो जब्त किया और न ही कोई प्रकरण बनाया। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी टीम भू-स्वामी का पता नहीं लगा पाई है। जबकि ग्रामीणों के अनुसार यह जमीन लखीराम नामक व्यक्ति के नाम पर है और गांव में किसी से भी पूछने पर नाम सामने आ सकता था।

साल भर से पड़ा है गोला, विभाग को नहीं लगी भनक

विभाग के अधिकारी खुद बता रहे हैं कि खाली भूमि पर पड़ा साल के लकड़ी का गोला करीब एक साल पुराना है। इससे साफ है कि उक्त कीमती लकड़ी पिछले एक साल से खुले में पड़ी हुई है। इसके बावजूद वन विभाग के गश्ती दल को इसकी भनक तक नहीं लगी, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

इस कार्रवाई से उठ रहे हैं 3 बड़े सवाल

1. भेदभाव क्यों? एक ही जगह दो जगह लकड़ी मिली, एक पर तुरंत जब्ती और दूसरे पर आंखें बंद क्यों?

2. भू-स्वामी कौन? 48 घंटे में भी जमीन के मालिक का पता क्यों नहीं लगा पाई टीम?

3. मिलीभगत तो नहीं? साल भर से पड़े 4 बड़े गोलों की कीमत लाखों में है, क्या किसी रसूखदार को बचाया जा रहा है?

रेंजर ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में रेंजर वन परिक्षेत्र रायगढ़ संजय लकड़ा का कहना है कि, “रसालाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उसके यहां से मशीन और लकड़ी जब्त की गई है। खाली भूमि में मिली 4 नग साल प्रजाति के गोलों को भी जब्त किया जा रहा है। इसमें जांच की जा रही है। पहले दिन रात होने के कारण उसमें कार्रवाई नहीं हो पाई।”

फिलहाल ग्रामीणों में वन विभाग की इस आधी-अधूरी कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश है और लोग इसे सिर्फ खानापूर्ति बता रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!