Bemetara News: मोहतरा में ट्रांसफार्मर फटने से 3 किसानों की मौत
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के मोहतरा गांव में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से 3 किसानों की मौत। पिता-पुत्र समेत 3 किसान 5 दिन से रायपुर में भर्ती थे।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में खौफनाक हादसा: मोहतरा गांव में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से पिता-पुत्र समेत 3 किसानों की जिंदा जलकर मौत, 5 दिन तक रायपुर में चली जिंदगी की जंग

खेत में काम के दौरान अचानक फटा ट्रांसफार्मर, गर्म तेल की चपेट में आए तीन किसान; एक ही परिवार की दो अर्थियां उठने से गांव में मातम, ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश

बेमेतरा :- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। जिले के बेरला ब्लॉक के मोहतरा गांव के हेमबंद खार में खेत के पास लगे ट्रांसफार्मर में हुए जोरदार ब्लास्ट से तीन किसानों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक पिता और उसका जवान बेटा भी शामिल है। इस घटना के बाद से पूरे मोहतरा गांव में मातम पसरा हुआ है।

खेत में काम करते वक्त आया काल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक हादसा 20 सितंबर रविवार को दोपहर के समय हुआ। गांव के किसान मोहन पटेल ने बताया कि मृतक ईश्वर पटेल 62 वर्ष, राधेश्याम चंद्राकर 50 वर्ष और उनका बेटा छन्नू चंद्राकर 32 वर्ष अपने खेत में रोज की तरह काम कर रहे थे। खेत की मेड़ पर ही बिजली विभाग का ट्रांसफार्मर लगा हुआ था।
काम के दौरान अचानक ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ और वह फट गया। धमाके के साथ ही ट्रांसफार्मर के अंदर का खौलता हुआ गर्म तेल और आग की लपटें कई फीट दूर तक फैल गईं। तीनों किसान इसकी चपेट में आ गए और देखते ही देखते बुरी तरह झुलस गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हादसे के बाद खेत में किसानों के जले हुए कपड़े पड़े मिले।
बेमेतरा से रायपुर तक, 5 दिन तक मौत से जंग
घटना के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत तीनों घायलों को संभाला और बेमेतरा जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन तीनों की हालत 80 से 90 प्रतिशत तक जलने के कारण बेहद गंभीर थी। इसलिए उन्हें तत्काल रायपुर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
रायपुर में करीब पांच दिनों तक तीनों किसान जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार को तीनों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया। एक साथ तीन मौतों की खबर जब गांव पहुंची तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई।
एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी, अनाथ हुए मासूम
इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। मृतक राधेश्याम चंद्राकर और उनके बेटे छन्नू चंद्राकर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि 32 वर्षीय छन्नू चंद्राकर के छोटे-छोटे बच्चे हैं। पिता और पति की मौत के साथ ही बच्चों के सिर से साया उठ गया।
एक ही परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार हो रही बारिश के बीच शुक्रवार की रात ही गांव में गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं तीसरे मृतक किसान ईश्वर पटेल का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया है। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को मोहतरा गांव में ही किया जाएगा, इसकी पुष्टि उनके पुत्र प्रकाश पटेल ने की है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जर्जर ट्रांसफार्मर पर उठे सवाल
एक ही घटना में तीन किसानों की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के आसपास लगे अधिकांश ट्रांसफार्मर जर्जर हालत में हैं और उनका समय पर मेंटेनेंस नहीं किया जाता। तेल लीकेज और ओवरलोडिंग की समस्या आम है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही मृतक किसान परिवारों को शासन से उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग उठ रही है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।